पंडित जी को बुलाने, हज़ारों की फ़ीस देने और तोड़-फोड़ कराने की ज़रूरत नहीं। एक पुस्तक और एक वीडियो कोर्स — जिससे आप अपने घर या नक्शे का पूरा वास्तु निरीक्षण खुद कर सकें।

इसीलिए लोग या तो हज़ारों देकर किसी को बुलाते हैं, या सुनी-सुनाई बातों पर घर में फेरबदल कर बैठते हैं। दोनों में नुक़सान आपका ही होता है।
एक वास्तु सलाहकार एक बार आने के हज़ारों लेता है। हर छोटे सवाल पर दोबारा बुलाना न व्यावहारिक है, न सस्ता।
यही डर सबसे बड़ी रुकावट है। जबकि अधिकांश वास्तु दोष बिना एक ईंट हिलाए ठीक किए जा सकते हैं।
सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी। तयशुदा नक्शे वाले फ्लैट में भी दिशा, रंग और वस्तु-स्थान से बहुत कुछ ठीक होता है।
घर खरीदने या बनवाने से पहले नक्शा देखकर दोष पकड़ना — यही वो एक स्किल है जो बाद के लाखों बचा देती है।
कोई कहता है किचन आग्नेय में, कोई कुछ और। बिना वास्तु चक्र समझे किसकी बात मानें, ये तय ही नहीं हो पाता।
क्योंकि दोष घर में नहीं, दिशा और ऊर्जा प्रवाह में था — और वो पहचाना ही नहीं गया।
"जहाँ ऊर्जा रुकती है, वहीं धन और शांति रुकती है। दिशा ठीक हो जाए तो घर खुद काम करने लगता है।"
हर चीज़ हर किसी के लिए नहीं होती। पैसे खर्च करने से पहले एक बार यह देख लीजिए।
हर विषय क्रम से, ताकि पढ़ते-पढ़ते आप अपने ही घर पर लागू करते चलें।
यही वो हिस्सा है जो इसे साधारण वास्तु किताब से अलग बनाता है — निरीक्षण की प्रोफेशनल विधि।
हार्ड कॉपी में छपी हुई पुस्तक घर तक आती है, और सॉफ्ट कॉपी उसी वक़्त ईमेल पर पहुँच जाती है — किताब आने से पहले ही पढ़ना शुरू कर दीजिए।
ये पुस्तक के असली पृष्ठ हैं — वही चित्र, तालिकाएँ और विधियाँ जो आपको मिलेंगी।




👆 किसी भी पृष्ठ पर टैप करके बड़ा देखें
पढ़कर समझ न आए तो देखकर समझिए। हर मुख्य विषय पर वीडियो पाठ — मोबाइल से दिशा नापने से लेकर बिना तोड़-फोड़ सुधार तक, सब कुछ स्क्रीन पर करके दिखाया गया है।
ऑर्डर कन्फर्म होते ही कोर्स का एक्सेस लिंक ईमेल पर भेज दिया जाता है — सॉफ्ट कॉपी हो या हार्ड कॉपी, दोनों के साथ। कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं, कोई शर्त नहीं।
ठोस, व्यावहारिक कौशल — बड़े-बड़े वादे नहीं।
16 दिशाओं का विश्लेषण और दोषों की पूरी चेकलिस्ट — बिना किसी को बुलाए।
32 प्रवेश द्वारों में से आपका कौन-सा है और उसका वास्तविक फल क्या है।
घर का केंद्र बिंदु ठीक से पहचानना — और वहाँ क्या रखना सही है, क्या नहीं।
दिशा, रंग, वस्तु-स्थान और तत्व संतुलन से — बिना एक ईंट हिलाए।
खरीदने से पहले नक्शा देखकर दोष पकड़ लेना — बाद के पछतावे से बचाव।
निरीक्षण नोट्स से पूरी वास्तु रिपोर्ट — दूसरों के घर भी देख सकें।
हर दिशा के शुभ रंग और उनका मानसिक व आर्थिक प्रभाव।
उत्तर का धन क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम का स्थिरता क्षेत्र — व्यावहारिक उपाय।
| विशेषता | यह पुस्तक | सामान्य वास्तु किताब |
|---|---|---|
| 32 प्रवेश द्वारों का अलग-अलग फल | ✔ | ✘ |
| ब्रह्मस्थान निकालने की सटीक विधि | ✔ | ✘ |
| नक्शे पर 16 दिशाएँ चिन्हित करना | ✔ | ✘ |
| फ्लैट और छोटे प्लॉट के लिए भी | ✔ | ✘ |
| बिना तोड़-फोड़ के व्यावहारिक उपाय | ✔ | ✘ |
| प्रोफेशनल वास्तु रिपोर्ट बनाने की विधि | ✔ | ✘ |
| असली नक्शों की केस स्टडी | ✔ | ✘ |
| साथ में वीडियो कोर्स — मुफ़्त | ✔ | ✘ |
जिन लोगों ने पढ़ा और अपने घर पर लागू किया — उन्हीं के शब्दों में।
दोनों विकल्पों में पूरी पुस्तक और मुफ़्त वीडियो वास्तु कोर्स मिलता है। फ़र्क़ सिर्फ़ इतना — छपी हुई किताब घर पर चाहिए या नहीं।
कोई अनिश्चितता नहीं — क्रम से पूरी प्रक्रिया।
पेमेंट कन्फर्म होते ही पुस्तक की PDF और वीडियो कोर्स का एक्सेस लिंक आपके ईमेल पर पहुँच जाता है। दोनों विकल्पों में।
हार्ड कॉपी ऑर्डर दो दिन के भीतर भेज दिया जाता है और ट्रैकिंग लिंक भी उसी वक़्त भेजा जाता है।
भारत में कहीं भी सामान्यतः एक हफ़्ते के भीतर। डिलीवरी का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं।
ईमेल न मिले, लिंक न खुले या पार्सल में कोई गड़बड़ी हो — सपोर्ट पर लिखिए, हल किया जाएगा।
1 पुस्तक · 8 मुख्य विषय · 32 प्रवेश द्वार · 16 दिशाएँ · मुफ़्त वीडियो वास्तु कोर्स